राहुल के इफ्तार में विपक्ष के बड़े नेताओं के आने की उम्मीद कम

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की देर शाम हो रही इफ्तार पार्टी में विपक्ष के बड़े नेताओं के आने की उम्मीद कम है। सूत्रों ने बताया कि इफ्तार की तारीख देर से तय हो्ने और देर से ही न्योता देने के चलते कुछ बड़े नेताओं के पहले ही कार्यक्रम बन चुके हैं। पार्टी में बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा मुखिया अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी, जेडीएस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी और राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव शामिल नहीं हो पा रहे हैं। वहीं एनसीपी नेता शरद पवार के आने पर सस्पेंस बरकरार है।

दूसरी कतार के नेता आएंगे

एनसीपी की ओर तारिक अनवर, बसपा से सतीश चंद्र मिश्रा, तृणमूल कांगेस से दिनेश त्रिवेदी, सपा से धमेंद्र यादव या राम गोपाल यादव, जेडीएस से दानिश अली, आरजेडी से मनोज झा और जेपी यादव कांग्रेस की इफ्तार पार्टी में जाएंगे। जेडीएस का बेंगलुरु में इफ्तार पार्टी का आयोजन है। वहीं आरजेडी बिहार में इसी समय पार्टी आयोजित कर रही है। मायावती आमतौर पर ऐसे आयोजनों में जाने से परहेज करती है।

इफ्तार पार्टी से राहुल देंगे विपक्ष की एकजुटता का संदेश

कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर पहली बार राहुल ने विपक्षी पार्टियों को इफ्तार की दावत का न्योता दिया है। कांग्रेस इफ्तार पार्टी के जरिए विपक्षी दलों की एकजुटता का संदेश देना चाहती है। राहुल के अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस की कोशिश रही है कि विपक्ष के नेता उनके नेतृत्व में एकजुट हो। मगर राहुल की अध्यक्षता में हो रही कांग्रेस की इस बार की इफ्तार में बड़े नेता नहीं जुट पाए हैं। पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के डिनर कार्यक्रम में विपक्ष एकजुट दिखा था। जबकि उससे पहले कर्नाटक में कुमारास्वामी के शपथ समारोह में विपक्ष के सभी बड़े नेताओं ने मौजूद होकर एकजुटता का बड़ा संदेश दिया था।

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