2019: चुनावी साल में मोदी सरकार नई योजना के तहत खिलाएगी सस्‍ती दाल

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नई दिल्ली। मोदी सरकार ने चुनावी साल को ध्‍यान में रखते हुए अपनी चालें शुरू कर दी है। चुनावी रणनीति के तहत मोदी सरकार ने सरकारी भंडार गृहों में पड़े स्‍टॉक को खाली करने का के लिए रियायती दामों पर दाल लोगों को मुहैया कराने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत लोगों को बहुत जल्‍द 15 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बाजार में दालें सस्‍ती मिलने लग जाएंगी।

35 लाख टन का स्‍टॉक होगा खाली
गोदामों में भारी स्टॉक को खाली करने और उसे राज्‍य सरकारों व सरकारी कार्यक्रमों के तहत वितरण को सुनिश्चित करने के मकसद से सरकार ने यह निर्णय लिया है। इस योजना के तहत मोदी सरकार ने करीब 35 लाख टन दलहन बाजार से 15 रुपए प्रति किलो की रियायती दर से दाल आवंटित करेगी। यह योजना पहले चरण में केवल 12 महीने के लिए है। 35 लाख टन अनाज स्टॉक इससे पहले खत्म हो जाता है तो योजना वहीं खत्म कर दी जाएगी।

सीसीईए का निर्णय
पीएम मोदी की अध्यक्षता वाले आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने यह फ्रैसला लिया है। एक बार बारह महीने के लिए इस योजना से सरकारी खजाने पर 5,237 करोड़ रुपए का बोझ आएगा। केंद्र सरकार अपने मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत दलहन के स्टॉक से राज्य सरकारों को 34.8 लाख टन दाल देगी। आगे इस योजना को जारी रखना है या नहीं इसका निर्णय दालों के स्‍टॉक के हिसाब से तय किया जएगा। इसके तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पहले आओ और पहले पाओ आधार पर थोक बाजार मूल्य पर 15 रुपए प्रति किलो की छूट के साथ, 34.88 लाख टन तुअर, चना, मसूर, मूंग और उड़द जारी करने की पेशकश की जाएगी।

5,237 करोड़ रुपए का नया बजट
कानून मंत्री रविशंकर ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि सरकार इस योजना के कार्यान्वयन के लिए 5,237 करोड़ रुपए खर्च करेगी। आपको बता दें कि देश में पिछले दो वर्षों से दलहनों के उत्पादन के नए रिकार्ड बन रहे हैं। यही कारण है कि दालों के मूल्‍य गिर गए हैं। इस साल भी दालों की फसल अच्‍छी है। ऐसे में केंद्र के समक्ष नई खरीफ फसल आने पर उसके लिए जगह बनाने की चुनौती है। इस मकसद से कृषि मंत्रालय अपने स्टॉक से दालों को बेच रहा है। ताकि उच्च उत्पादन होने की स्थिति में पीएसएस के तहत अधिक स्टॉक खरीदना संभव हो सके।

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